

Pahali Chingari Novel | Based On The First PeopleS Revolution Of Santhal | Historical Novel | Tribal Revolution In India | Sido Kanhu Story | ... Movement | Historical Fiction In Hindi-Bhujendra Aarat
About the Products:
कहा जाता है कि संथाल परगना की धरती पर स्थित राजमहल की पहाड़ी ने एक अरब साठ करोड़ वर्ष पूर्व सूरज-चाँद के प्रथम दर्शन किए थे। इसी पुरातन धरती पर महात्मा गांधी के 'भारत छोड़ो' आंदोलन से 87 वर्ष 1 महीना 10 दिन पूर्व संथाल नेता सिदो ने अंग्रेजों से अपनी धरती छोड़ने को कहा था और 'करो या मरो' का मंत्र जनता को दिया था। भोगनाडीह के शेर सिदो, कान्हू और भैरों द्वारा छेड़ी गई क्रांति पर केंद्रित यह उपन्यास 'पहली चिनगारी' संथाल जन-क्रांति की प्रथम लहर सा है। अपनी मिट्टी की स्वाधीनता हेतु समाज व धार्मिक अस्तित्व तथा शोषण-उत्पीड़न से लोगों को बचाने के लिए तथा राजनैतिक बदलाव हेतु सिदो, कान्हू, चाँद और भैरों ने जो जुझारूपन दिखलाया था, वह स्तुत्य है। उन स्वाधीनता सेनानियों ने अपनी गरीबी तथा सीमित साधनों में भी जो वीरता दिखलाई थी, वह जन-चेतना ही तो थी। तभी तो दस हजार संथालों ने अपनी एकता तथा जुझारूपन दिखलाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। न केवल संथाल, बल्कि इतर लोगों ने भी सिदो, कान्हू, चाँद और भैरों को अपना हरसंभव सहयोग दिया था, ताकि वे विजयी हों। 'पहली चिनगारी' पुस्तक अत्यंत रोचक और सुरुचिपूर्ण है। सामान्य पाठकों तथा इतिहास के छात्रों के लिए आदिवासी जीवन में क्रांति की शुरुआत की अच्छी जानकारी इस पुस्तक में उपलब्ध है।
Language: Hindi
Page No: 112
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
People Also Bought
Here’s some of our most similar products people are buying. Click to discover trending style.
Recently viewed products
The best quality products are waiting for you. Choose it now!