

Divyangjan: Vividh Kshamtayen, Ekjut Bhavishya-Dr. Vivek Mishra::Divya Mishra
About the Products:
यह पुस्तक दिव्यांगजन को एक समावेशी और मानवीय दृष्टिकोण से समझने का प्रयास करती है। पहला अध्याय बताता है कि दिव्यांगता केवल शारीरिक या मानसिक अक्षमता नहीं, बल्कि समाज द्वारा निर्मित एक अवधारणा भी है। दूसरा अध्याय सामाजिक मानसिकता की भूमिका स्पष्ट करता है, जो दिव्यांग बच्चों के अनुभवों को गहराई से प्रभावित करती है। तीसरे अध्याय में परिवार की जिम्मेदारियों और समर्थन तंत्र पर चर्चा की गई है। चौथा अध्याय समावेशी शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित करता है, जबकि पाँचवाँ अध्याय दोस्ती और सामाजिक रिश्तों की अहमियत पर प्रकाश डालता है, जो दिव्यांग बच्चों को आत्मीयता और सामाजिक जुड़ाव प्रदान करते हैं। छठा अध्याय जीवन-कौशलों जैसे निर्णय लेने, व्यावहारिक क्षमता और आत्मनिर्भरता के विकास पर जोर देता है। सातवाँ अध्याय प्रौद्योगिकी और नवाचार की परिवर्तनकारी भूमिका समझाता है। आठवाँ अध्याय शारीरिक गतिविधियों, खेल और मनोरंजन के मानसिक व शारीरिक विकास में महत्त्व को दरशाता है। नौवाँ अध्याय स्वास्थ्य सेवाओं और विशेष चिकित्सा आवश्यकताओं पर केंद्रित है। दसवाँ अध्याय सहायक समुदाय के निर्माण की आवश्यकता बताता है, जबकि ग्यारहवाँ अध्याय जागरूकता के बदलते स्वरूप पर चर्चा करता है। बारहवाँ अध्याय भविष्य की योजनाओं और नवाचारों की दिशा प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक एक सामाजिक दस्तावेज की तरह पाठकों में संवेदनशीलता, समझ और जिम्मेदारी का भाव जगाती है।
Language: Hindi
Page No: 152
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
People Also Bought
Here’s some of our most similar products people are buying. Click to discover trending style.
Recently viewed products
The best quality products are waiting for you. Choose it now!