

1971 Yuddha Mein Gorkhaon Ki Sahasik Kahaniyan (Hindi Translation Of 1971: Charge Of The Gorkhas And Other Stories)-Rachna Bisht Rawat
About the Products:
4/5 जी.आर. के गोरखा सैनिक अपने हाथों में सिर्फ खुली खुखरी लेकर भारी सुरक्षावाली दुश्मन की चौकी पर हमला क्यों करते हैं? क्या पाकिस्तान को उस युवा पायलट की असली पहचान का पता चल गया है, जो जलते हुए विमान से बाहर निकलने के बाद खुद को फ्लाइट लेफ्टिनेंट मंसूर अली खान कहता है? उस नौसैनिक गोताखोर के साथ क्या होता है, जो अपने कपड़ों से 'मेड इन इंडिया' के लेबल को काटकर हटाता है और अपने कंधे पर मशीनगन लटकाए पूर्वी पाकिस्तान में प्रवेश कर जाता है? एक इक्कीस वर्षीय सिख पैराट्रूपर को दमदम हवाई अड्डे पर एक सुनसान हैंगर में स्टूल से कूदना क्यों सिखाया जा रहा है, जहाँ पास में ही एक 'पैकेट विमान' इंतजार कर रहा है? 1971 के भारत-पाक युद्ध की थलसेना, नौसेना और वायुसेना के वीरों की कहानियों के माध्यम से उन युद्धक्षेत्रों का स्मरण फिर से करें, जहाँ वे एक ऐसे उद्देश्य के लिए लड़े, जो उनके लिए अपने प्राणों से भी अधिक महत्त्व रखता था।
Language: Hindi
Page No: 200
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
People Also Bought
Here’s some of our most similar products people are buying. Click to discover trending style.
Recently viewed products
The best quality products are waiting for you. Choose it now!